[female vocals] ओए,
सु
न
ना,
ज़
रा
ठहर
जा
सु
कू
न
की
तला
श
है,
वहाँ
ले
चल
ऐ
ज़िं
दगी
जि
स
तरफ
सु
कू
न
हो,
उसी
तरफ
ले
चल
ऐ
ज़िं
दगी
जहाँ
न
झू
ठे
रि
श्
ते
हों,
न
बा
तें
अनकही
जहाँ
दौ
ड़
में
शा
मि
ल
हो
ने
की
मजबू
री
न
हो
जहाँ
दो
पल
बै
ठने
में
को
ई
दू
री
न
हो
हाँ,
को
ई
दू
री
न
हो
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
रू
ह
को
मि
ल
जा
ए
अपना
एक
छो
र
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
छो
ड़
दे
ये
दु
नि
या
का
शो
र
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
जहाँ
सा
दगी
से
मु
स्
कु
रा
ना
आसा
न
लगे
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
हर
अजनबी
भी
थो
ड़ा
इं
सा
न
लगे
जहाँ
ख्
वा
हि
शों
का
बो
झ
कं
धे
से
उतर
जा
ए
जहाँ
हर
शा
म
चि
ड़ि
यों
की
चहक-सी
ठहर
जा
ए
न
हा
रने
का
डर
हो,
न
जी
तने
की
हो
ड़
जहाँ
रू
ह
को
मि
ल
जा
ए
अपना
एक
छो
र
क्
या
बा
त
है,
ये
शां
ति
का
ठि
का
ना
हो
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
रू
ह
को
मि
ल
जा
ए
अपना
एक
छो
र
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
छो
ड़
दे
ये
दु
नि
या
का
शो
र
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
जहाँ
सा
दगी
से
मु
स्
कु
रा
ना
आसा
न
लगे
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
हर
अजनबी
भी
थो
ड़ा
इं
सा
न
लगे
जहाँ
नफ़
रतों
के
शो
लों
में
को
ई
न
जलता
हो
जहाँ
सच्
चा
ई
का
दरि
या
धी
मे
-धी
मे
बहता
हो
तू
छी
न
ले
भले
ही
ना
म,
शो
हरत
और
धन
बस
सला
मत
रखे
मे
री
आत्
मा
का
यह
मन
धू
म
मचा
दे
ये
शां
ति
की
लहर
छो
ड़
कर
यह
भा
गदौ
ड़
का
सा
रा
शो
र-शरा
बा
जहाँ
सि
र्
फ
शां
ति
हो,
उसी
मो
ड़
ले
चल
ज़िं
दगी
के
सफ़
र
में
अब
ये
मे
रा
ख्
वा
ब
है
सु
कू
न
का
ही
मु
झे
हरदम
इं
तज़ा
र
है
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
रू
ह
को
मि
ल
जा
ए
अपना
एक
छो
र
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
छो
ड़
दे
ये
दु
नि
या
का
शो
र
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
जहाँ
सा
दगी
से
मु
स्
कु
रा
ना
आसा
न
लगे
सु
कू
न,
ऐ
सु
कू
न,
हर
अजनबी
भी
थो
ड़ा
इं
सा
न
लगे
ओह
हो,
सु
कू
न
की
तला
श
में
दौ
ड़
से
दू
र,
खु
द
के
पा
स
में
सु
कू
न,
बस
सु
कू
न,
ले
चल
ऐ
ज़िं
दगी,
ले
चल
वहीं।