सुन ना...
मोहब्बत की राहों में तुम ही मेरी कहानी हो,
धड़कन है मेरा दिल, पर तुम इसकी रवानी हो।
तुम हँसो तो सुबह की पहली धूप खिल जाए,
तुम मिलो तो जैसे भटके मुसाफ़िर को मंज़िल मिल जाए।
ये जो नूर है चेहरे पर, ये तेरी चाहत की निशानी है,
न कोई तमन्ना है अब, न कोई ख़्वाहिश अधूरी है।
मुझे इश्क़ है तुझी से, मेरी जान-ए-जिंदगानी,
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी कहानी।
हाँ, मुझे इश्क़ है तुझी से, मेरी जान-ए-जिंदगानी,
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी कहानी।
तुझसे ही रौशनी है, इस दिल के आशियाने में,
कोई नहीं है दूजा, इस सारे ज़माने में।
तूने छुआ है रूह को, अब खुद को मेरे नाम कर दीजिए,
मरते दम तक रहेगा, ये वफ़ा का सिलसिला।
मुझे इश्क़ है तुझी से, मेरी जान-ए-जिंदगानी,
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी कहानी।
ओ हो...
इश्क़ है तुझी से...
मेरी जान-ए-जिंदगानी।