[male vocals] अरे,
सु
नो
ये
सच्
चा
ई
दे
श
की
बा
त,
दि
ल
से
नि
कल
आई
दे
शद्
रो
ह
के
फू
टें
अं
कु
र,
जब
सो
च
वि
षै
ली
हो
जा
ये
रा
ष्
ट्
रहि
त
को
छो
ड़
व्
यक्
ति
बस,
स्
वा
र्
थ-सा
धना
में
खो
जा
ये
रा
ष्
ट्
र
की
एकता
तो
ड़
ने
का,
जि
सके
मन
में
भा
व
पले
दे
शवि
रो
धी
ऐसी
सो
च
को,
दि
मा
गी
नक्
सल
कहें
भले
अरे,
ये
कै
सी
चा
लें
हैं?
अरे,
ये
कै
सी
बा
तें
हैं?
दि
मा
गी
नक्
सल,
ये
खे
ल
पु
रा
ना
है
भा
रत
माँ
का
गौ
रव,
हमको
तो
बचा
ना
है
दि
मा
गी
नक्
सल,
ये
जा
ल
ना
बि
छा
ना
तू
अपनी
मा
टी
को
फि
र,
गा
ली
ना
सु
ना
ना
तू
जो
भा
रत
की
मा
टी
को
ही,
गा
ली
दे
ने
लग
जा
ये
रा
ष्
ट्
रध्
वज
की
आन
दे
खकर,
जि
सके
मन
में
द्
वे
ष
समा
ये
वन्
दे
मा
तरम्
की
गूँ
ज
सु
नकर,
जि
सका
सी
ना
जलने
लगे
दे
श
की
अखण्
डता
के
वि
रु
द्
ध,
जि
सके
स्
वर
फि
र
उठने
लगे
या
र,
हो
श
में
आओ
तु
म
दे
श
का
मा
न
बढ़ा
ओ
तु
म
दि
मा
गी
नक्
सल,
ये
खे
ल
पु
रा
ना
है
भा
रत
माँ
का
गौ
रव,
हमको
तो
बचा
ना
है
दि
मा
गी
नक्
सल,
ये
जा
ल
ना
बि
छा
ना
तू
अपनी
मा
टी
को
फि
र,
गा
ली
ना
सु
ना
ना
तू
जो
हिं
सा
को
वि
चा
र
बना
कर,
यु
वा
ओं
को
भरमा
ये
झू
ठी
बा
तों
के
जा
ल
बि
छा
कर,
समा
जों
को
लड़
वा
ये
सं
वि
धा
न
की
आड़
में
ले
कि
न,
सं
वि
धा
न
को
ही
ठु
करा
ये
रा
ष्
ट्
रहि
त
के
हर
नि
र्
णय
पर,
जहर
ये
रो
ज़
फै
ला
ये
जा
गो
अब
तो
दे
श
के
वा
सी,
सच
को
पहचा
नो
तु
म
भा
रत
की
इस
एकता
को,
दि
ल
से
मा
नो
तु
म
नफ़
रत
की
इस
आग
में
हमको,
जलना
नहीं
है
आज
सर
उठा
के
जी
ना
है,
करना
है
सर
पर
ता
ज
दि
मा
गी
नक्
सल,
ये
खे
ल
पु
रा
ना
है
भा
रत
माँ
का
गौ
रव,
हमको
तो
बचा
ना
है
दि
मा
गी
नक्
सल,
ये
जा
ल
ना
बि
छा
ना
तू
अपनी
मा
टी
को
फि
र,
गा
ली
ना
सु
ना
ना
तू
अरे,
जा
गो
दे
शवा
सि
यों
दि
मा
गी
नक्
सल
से
बचो
भा
रत
ही
हमा
री
शा
न
है
जय
हि
न्
द!