वो छोटी-छोटी बातों पर हक़ जताना।
अब एक ख़्वाब सा लगता है,
जो अधूरा होकर भी सबसे ख़ास लगता है।
ज़िंदगी गुज़र जाएगी तेरे बिना, ये सच है,
मगर हर मोड़ पर एक कमी सी रह जाएगी।
जब भी कोई पूछेगा मेरी उदासी का सबब,
ज़ुबां कुछ न कहेगी, पर आँखें भर आएँगी—
याद तेरी आयेगी... हाँ, याद तेरी आयेगी।