[male vocals] हा,
सु
न.
ये
रस्
ते
ये
गलि
यां,
सब
कां
पती
हैं.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
सी
धा
वा
र.
तै
या
र
हो
जा
ओ.
मे
री
सो
च
का
वा
र
जै
से
चलती
बं
दू
क,
झू
ठे
लो
गों
की
दु
नि
या
में
मैं
ढूं
ढूं
सु
कू
न.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल
हैं
सब
से
खतरना
क,
करते
हैं
खे
ल
जै
से
को
ई
हो
ये
खे
ल
का
पा
र्
ट.
आं
खों
में
चिं
गा
री,
सी
ने
में
आग
है,
कलम
मे
री
तलवा
र,
शब्
दों
में
भा
ग
है.
गलि
यों
का
शो
र,
ये
आवा
ज़
मे
री
जा
न
है,
जि
तने
भी
पी
छे
पड़े,
सबको
पता
उनका
मका
म
है.
मैं
खु
द
से
ही
लड़ता,
मैं
खु
द
ही
मु
सा
फि
र,
अपनी
ही
धु
न
में,
मैं
सब
से
हूं
का
फ़ि
र.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
ये
खे
ल
अब
भा
री,
रा
स्
तों
पे
जलती
है
आग
ये
हमा
री.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
को
ई
रो
क
न
पा
एगा,
जो
भी
है
सा
मने,
वो
धू
ल
में
मि
ल
जा
एगा.
हा,
ये
आग
है,
ये
जु
नू
न
है.
मं
जि
ल
पे
नज़र,
न
थकू
मैं
एक
पल,
सं
घर्
ष
की
आं
च
में,
पि
घला
है
कल.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
ये
सो
च
का
ज़हर,
दि
खा
दूं
क्
या
हो
ता
है
असली
ये
कहर.
शतरं
ज
का
खे
ल
नहीं,
ये
सी
धी
लड़ा
ई
है,
सच्
चा
ई
की
रा
ह
में
हमने
ही
तबा
ही
मचा
ई
है.
लो
ग
कहते
पा
गल,
मैं
कहता
वि
द्
रो
ही,
अं
धे
री
इन
रा
तों
में,
मैं
ही
हूँ
ओही.
जो
सो
ये
हु
ए
थे,
उनको
जगा
ने
आया,
इस
सड़ती
हु
ई
भी
ड़
में,
अपना
झं
डा
लहरा
या.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
ये
खे
ल
अब
भा
री,
रा
स्
तों
पे
जलती
है
आग
ये
हमा
री.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
को
ई
रो
क
न
पा
एगा,
जो
भी
है
सा
मने,
वो
धू
ल
में
मि
ल
जा
एगा.
हा,
ये
आग
है,
ये
जु
नू
न
है.
रु
को
मत,
झु
को
मत,
आगे
बढ़ते
जा
ओ,
दि
मा
ग़ी
नक्
सल
का
ये
शो
र
हर
तरफ
फै
ला
ओ.
ऊपर
वा
ले
की
मे
हर,
और
मे
हनत
का
सा
थ,
अब
को
ई
न
छो
ड़े
गा,
कि
सी
का
भी
हा
थ.
शहर
ये
मे
रा,
और
गलि
यां
ये
अपनी,
सबकी
ही
आं
खों
में,
जी
त
की
है
सपना.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
ये
जज्
बा
है
सच्
चा,
दु
नि
या
के
पा
खं
ड
में,
न
को
ई
भी
बच्
चा.
सबका
हि
सा
ब
हो
गा,
सब
का
भु
गता
न,
दि
मा
ग़ी
नक्
सल
से,
ऊँ
ची
है
शा
न.
लड़ें
गे
मरें
गे,
पर
पी
छे
न
हटें
गे,
जी
त
के
ही
दम
लें
गे,
हम
सब
ही
रटें
गे.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
ये
खे
ल
अब
भा
री,
रा
स्
तों
पे
जलती
है
आग
ये
हमा
री.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल,
को
ई
रो
क
न
पा
एगा,
जो
भी
है
सा
मने,
वो
धू
ल
में
मि
ल
जा
एगा.
हा,
ये
आग
है,
ये
जु
नू
न
है.
ये
तो
बस
शु
रु
आत
है.
दि
मा
ग़ी
नक्
सल.
पू
रा
शहर
अब
कां
पे
गा.
सु
न,
ये
आवा
ज़.
शां
ति
नहीं,
क्
रां
ति
है.
नमस्
ते.