(हाए... सुन ना...)
तेरा मिलना एक सपना सा लगता है,
हकीकत में भी कुछ अपना सा लगता है।
जब से आए हो तुम मेरी इस जिंदगी में,
सूखे चमन में जैसे बहार आ गई।
धड़कन को मिल गई धड़कने की वजह,
सारे जहां में जैसे खुशियां छा गई।
तन्हाइयों के समंदर में जब डूब रहा था दिल,
तेरा आना सूखी धरा पर पहली बरसात जैसा है।
तेरा मिलना एक सपना ही सही,
पर वो सपना बेहद प्यारा था।
इस टूटते हुए दिल के लिए,
वही तो एक इकलौता सहारा था।
हाँ, तेरा मिलना एक सपना...
तुम आए तो लगा जैसे सदियों का इंतज़ार ख़त्म हुआ,
जो बुझ चुकी थी धड़कन उसमें फिर से नया दर्द जगा।
तू हकीकत में तो पास नहीं, पर ख़्वाबों में रोज़ आता है,
मेरे सूनेपन के आंगन में तू अपनी महक बिखराता है।
डरता हूँ कहीं यह ख्वाब टूट न जाए,
हाथों से तुम्हारा यह हाथ छूट न जाए।
तेरा मिलना एक सपना ही सही,
पर वो सपना बेहद प्यारा था।
इस टूटते हुए दिल के लिए,
वही तो एक इकलौता सहारा था।
हाँ, तेरा मिलना एक सपना...
तेरा मिलना... एक सपना...
(हाए...)