[female
vocals] (
Soft
acoustic
guitar
melody
fading
in)
ज़ि
न्
दगी
एक
कि
ता
ब
है,
पन्
ने
पलटते
हैं
हम
हर
लम्
हा
एक
नया
हि
स्
सा,
कभी
ख़ु
शी
कभी
गम
को
ई
मे
रे
कहा
नि
यों
में,
मैं
कि
सी
और
की
कहा
नि
यों
में
हम
सब
कि
रदा
र
हैं,
कई
अलग-अलग
कहा
नि
यों
में
वो
गलि
यां
वो
बचपन
की
या
दें,
वो
खा
मो
शि
याँ
भी
जु
ड़ती
हैं
धा
गों
की
तरह,
उन
अनकही
दा
स्
ता
नि
यों
में
हर
चे
हरा
यहाँ
एक
मु
खौ
टा,
हर
शख्
स
एक
मं
जर
है
तला
शते
हैं
खु
द
को
हम,
भी
ड़
भरी
इन
रा
नि
यों
में
जी
लो
अपने
अं
दा
ज़
में,
अपने
अनु
भव
की
अपनी
कहा
नी
कल
फि
र
ये
सब
मि
ट
जा
ना
है,
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी
जी
लो
अपने
अं
दा
ज़
में,
अपने
अनु
भव
की
अपनी
कहा
नी
कल
फि
र
ये
सब
मि
ट
जा
ना
है,
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी
को
ई
कहा
नी
सच्
ची
है,
को
ई
कहा
नी
झू
ठी
है
हर
कहा
नी
को
भी
एक
दि
न,
बस
कहा
नी
हो
जा
नी
है
हम
दौ
ड़ते
हैं
मं
जि
लों
के
पी
छे,
ये
भू
लकर
अक्
सर
कि
सफर
ही
हकी
कत
है,
बा
की
सब
बस
रवा
नी
है
नि
भि
श
कु
मा
र
सिं
ह,
सु
नो
ये
वक्
त
का
इशा
रा
है
तु
म्
हा
री
ये
ज़ि
द
ही,
तु
म्
हा
री
जी
त
की
नि
शा
नी
है
जी
लो
अपने
अं
दा
ज़
में,
अपने
अनु
भव
की
अपनी
कहा
नी
कल
फि
र
ये
सब
मि
ट
जा
ना
है,
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी
जी
लो
अपने
अं
दा
ज़
में,
अपने
अनु
भव
की
अपनी
कहा
नी
कल
फि
र
ये
सब
मि
ट
जा
ना
है,
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी
न
डर
तू
कल
की
फि
क्
र
से,
न
मला
ल
कर
तू
बी
ती
का
आज
के
इस
सु
नहरे
पल
में,
ढूं
ढ
ले
अपनी
रवा
नी
का
लि
खना
है
तो
ऐसा
लि
ख,
कि
मि
सा
ल
बन
जा
ए
तू
मि
ट
जा
ए
सब
कि
स्
से,
पर
ना
म
ते
रा
रहे
अमर
कहा
नी
का
जी
लो
अपने
अं
दा
ज़
में,
अपने
अनु
भव
की
अपनी
कहा
नी
कल
फि
र
ये
सब
मि
ट
जा
ना
है,
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी
जी
लो
अपने
अं
दा
ज़
में,
अपने
अनु
भव
की
अपनी
कहा
नी
कल
फि
र
ये
सब
मि
ट
जा
ना
है,
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी
कहा
नी
को
कल
फि
र,
कहा
नी
ही
हो
जा
नी
है
बस
जी
लो
तु
म,
ये
पल
की
मे
हरबा
नी
है (
Music
fades
out
slowly
with
acoustic
guitar)
सब
हो
जा
नी
है
कहा
नी...