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हसरतें हैं तो बंदगी है

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Lyrics

Yes I need a song as per the following instructions
गाने का स्वरूप या शैली वडाली ब्रदर्स या सूफ़ियाना शैली होना चाहिए।
गाने की शुरुआत कव्वाली टाइप या क्लासिकल संगीत के अलाप से होनी चाहिए। इसमें मुर्की भी शामिल होना चाहिए। इस आलाप में कई गायकों की आवाज होगी जैसे कोई निचले सुर से गाकर ऊपर तक जाएगा तभी dusra गायक उसे ऊपर के सुर से वहीं पकड़ेगा और अलग सुर तक ले जाएगा।
आलाप शुरू होने से पहले शुद्ध सूफ़ी या कव्वाली वाले अंदाज़ में नीचे की पंक्तियाँ बिना किसी वाद्य यंत्र के गायी जायेंगी;
जमाना मिट गया अरमानों को ढोते ढोते
हम भी फ़ना हो जाएँगे अरमानों को रोते रोते
तेरी नज़रों से नजरें मिलाने का अरमान अब होगा पूरा
सुना है क़यामत के दिन हो जाता है हर अरमान पुरा
इस अआलाप के बाद थोड़ी देर के लिए संगीत के धुन बजेंगे, इसके बाद मुख्य गीत गाया जाएगा।
(मुखड़ा)
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
आलाप
अंतरा
हसरतें नहीं मिलती है ख़ैरात में
कुछ भी नहीं मिलता है सौग़ात में
आलाप
मुखड़ा
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
आलाप
अंतरा
जिंदगी की शाम हसीन होती है
जब कभी भी हसरतें साथ होती हैं
आलाप
मुखड़ा
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
आलाप
अंतरा
जमाना भुला दे बेशक तुम्हें
हसरतें हर वक़्त साथ देती हैं
आलाप
मुखड़ा
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
आलाप और उसके बाद आखरी पंक्तियाँ सिर्फ़ तानपूरे या हारमोनियम के हल्के संगीत के साथ गाये जाएँगे जो इस प्रकार हैं:
कोई मरकर भी ज़िंदा है खयालों में
कोई जीकर भी बिछड़ा है एहसासों से
मेरी हसरतों को तुम चाँद तक ले जाना
मेरी हसरतों को अपनी चाहत बना जाना
आलाप धीमे धीमे मद्धम पड़ता है और गीत पूरा होता है

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