जमाना मिट गया अरमानों को ढोते ढोते
हम भी फ़ना हो जाएँगे अरमानों को रोते रोते
तेरी नज़रों से नजरें मिलाने का अरमान अब होगा पूरा
सुना है क़यामत के दिन हो जाता है हर अरमान पुरा
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
हसरतें नहीं मिलती है ख़ैरात में
कुछ भी नहीं मिलता है सौग़ात में
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
जिंदगी की शाम हसीन होती है
जब कभी भी हसरतें साथ होती हैं
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
जमाना भुला दे बेशक तुम्हें
हसरतें हर वक़्त साथ देती हैं
हसरतें हैं तो जिंदगी है
हसरतें हैं तो बंदगी है
कोई मरकर भी ज़िंदा है खयालों में
कोई जीकर भी बिछड़ा है एहसासों से
मेरी हसरतों को तुम चाँद तक ले जाना
मेरी हसरतों को अपनी चाहत बना जाना