ओए,
सु
न
ना,
शहर
है
अपना,
पहरा
है
अपना
दम
है
तो
रु
क
कर
दि
खा,
वर्
दी
का
जलवा
दि
खा
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
खु
द
को
समझें
शहं
शा
ह
आं
खें
इनकी
चमक
रही
हैं,
जै
से
को
ई
ये
हों
गवा
ह
सड़कों
पर
ये
धौं
स
जमा
ते,
समझते
खु
द
को
सु
ल्
ता
न
पर
भू
ल
गए
ये
असली
ता
कत,
जो
है
वर्
दी
की
शा
न
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
पकड़े
आधी
रा
त
को
खा
की
खड़ी
है
सा
मने,
झु
कना
पड़े
गा
बा
त
को
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
पकड़े
आधी
रा
त
को
शहर
हमा
रा
जा
ग
रहा
है,
दे
ख
ले
पू
री
दा
त
को
गली
-गली
में
खबर
है
इनकी,
ना
म
इनका
बदना
म
है
दि
न
ढलते
ही
भा
गते
फि
रते,
ये
तो
इनका
का
म
है
पु
लि
स
की
ये
नज़रें
दे
खो,
सब
कु
छ
भां
प
ले
जा
ती
हैं
गलती
की
जो
तु
मने
जरा
सी,
सब
कु
छ
सा
फ़
कर
जा
ती
हैं
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
पकड़े
आधी
रा
त
को
खा
की
खड़ी
है
सा
मने,
झु
कना
पड़े
गा
बा
त
को
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
पकड़े
आधी
रा
त
को
शहर
हमा
रा
जा
ग
रहा
है,
दे
ख
ले
पू
री
दा
त
को
क्
या
बा
त,
क्
या
बा
त,
का
नू
न
का
ये
पहरा
है
अं
धे
रे
में
भी
चमकता,
खा
की
का
ये
चे
हरा
है
धू
म
मचा
दें
रस्
ते
-रस्
ते,
डर
का
सा
या
हट
जा
ए
वर्
दी
वा
ला
जब
भी
नि
कले,
हर
को
ई
पी
छे
हट
जा
ए
शां
ति
जब
तक
शहर
में
है,
तब
तक
हम
भी
मौ
न
हैं
पर
गड़बड़
की
तो
सो
च
ले
ना,
असली
वि
ले
न
कौ
न
है
आधी
रा
त
हो
या
दि
न
हो,
चौ
कस
अपनी
टी
म
है
खा
की
का
ये
रु
तबा
दे
खो,
ये
तो
सबका
ड्
री
म
है
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
पकड़े
आधी
रा
त
को
खा
की
खड़ी
है
सा
मने,
झु
कना
पड़े
गा
बा
त
को
दि
न
में
तो
ये
ला
वे
फी
ल्
डिं
ग,
पकड़े
आधी
रा
त
को
शहर
हमा
रा
जा
ग
रहा
है,
दे
ख
ले
पू
री
दा
त
को
ओए,
समझ
गए
ना?
खा
की
का
ही
रा
ज
है
अरे,
ले
ट'्
स
गो,
दू
म
मचा
ओ
खा
की
का
ही
रा
ज
है,
खा
की
का
ही
रा
ज
है