मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
हाँ,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है,
या
रब
सां
सों
की
हर
एक
डो
र
से,
ना
म
ते
रा
ही
आता
है
ते
री
सू
रत
दे
ख
के
ही,
दि
ल
को
चै
न
ये
आता
है
तू
जो
नहीं
तो
सू
ना
सा,
ये
सा
रा
आलम
लगता
है
ते
री
मो
हब्
बत
की
खु
शबू,
रू
ह
को
मे
री
महका
ती
है
मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
हाँ,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है,
या
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मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
मे
री
धड़
कनों
की
हर
एक
लय,
तू
ही
तो
बनी
है
इश्
क
का
दरि
या
है
तू,
और
मैं
प्
या
सा
कि
ना
रा
हूँ
तु
झमें
ही
तो
खो
गया,
मैं
ते
रा
ही
आवा
रा
हूँ
मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
दु
नि
या
की
सा
री
रौ
नक़ें,
फी
की
पड़
जा
ती
हैं
जब
तू
मु
स्
कु
रा
ती
है,
बहा
रें
आ
जा
ती
हैं
अं
धे
री
रा
तों
में
तू
ही,
चाँ
द
का
उजि
या
रा
है
इश्
क
है
तू
इबा
दत,
तू
ही
तो
सहा
रा
है
वा
ह!
क्
या
नू
र
है
ते
रा,
सब
कु
छ
तु
झपे
कु
रबा
न
है
मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है,
जा
न
से
भी
प्
या
री
है
मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
मे
री
धड़
कनों
की
हर
एक
लय,
तू
ही
तो
बनी
है
इश्
क
का
दरि
या
है
तू,
और
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प्
या
सा
कि
ना
रा
हूँ
तु
झमें
ही
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खो
गया,
मैं
ते
रा
ही
आवा
रा
हूँ
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री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
सजदा
करूँ
ते
रा,
जै
से
को
ई
खु
दा
का
नू
र
हो
रू
ह
का
ये
बं
धन
है,
न
कभी
हमसे
ये
दू
र
हो
सु
भा
नअल्
ला
ह!
क्
या
रज़ा
है
ते
री
जिं
दगी
के
सफर
में,
तू
ही
मे
री
रा
ह
है
मे
रे
हर
गम
का
मरहम,
तू
ही
मे
री
पना
ह
है
तु
झसे
शु
रू,
तु
झपे
खत्
म,
मे
री
ये
कहा
नी
है
ते
री
मो
हब्
बत
ही
मे
रे,
जी
ने
की
नि
शा
नी
है
मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है,
रू
ह
में
बसी
है
मे
री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
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री
धड़
कनों
की
हर
एक
लय,
तू
ही
तो
बनी
है
इश्
क
का
दरि
या
है
तू,
और
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प्
या
सा
कि
ना
रा
हूँ
तु
झमें
ही
तो
खो
गया,
मैं
ते
रा
ही
आवा
रा
हूँ
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री
बी
वी,
मे
री
रू
ह
में
बसी
है
मे
री
रू
ह
में
बसी
है,
मे
री
बी
वी
तू
ही
मे
री
जा
न
है,
तू
ही
मे
री
रू
ह
है
दम
दम!
मे
री
बी
वी
मे
री
रू
ह
में
बसी
है।