ओह
हो...
सु
न
ना...
आज
रा
त
थम
सी
गई
है...
खि
ड़
की
पे
दस्
तक
दे
ती
ये
हवा
एं,
ते
री
खु
शबू
से
महके
हैं
ये
रा
स्
ते,
तू
जो
पा
स
है
तो
धड़
कन
भी
बो
ले,
खो
जा
ऊं
तु
झमें
मैं
खु
द
को
भू
ल
के,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे,
ते
री
सां
सों
की
खु
शबू
में
मरने
दे,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे,
अपने
अं
गों
को
धी
रे
-धी
रे
छू
ने
दे,
तु
झसे
शु
रू,
तु
झपे
खत्
म
मे
री
कहा
नी,
आज
रा
त
प्
या
र
की
को
ई
नई
कहा
नी
बु
नने
दे,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे.
जु
ल्
फों
की
घटा
ओं
में
खो
जा
ने
दे,
लबों
से
लबों
का
नशा
छा
जा
ने
दे,
ये
दू
रि
यां
मि
टा
दे
आज
इस
पल
में,
तड़
प
को
मे
री
तू
हकी
कत
बना
जा
ने
दे,
ओये,
तू
मे
री
है,
बस
मे
री
रहे,
आ
पा
स
आ,
दि
ल
ये
तु
झसे
ही
कहे,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे,
अपने
अं
गों
को
धी
रे
-धी
रे
छू
ने
दे,
तु
झसे
शु
रू,
तु
झपे
खत्
म
मे
री
कहा
नी,
आज
रा
त
प्
या
र
की
को
ई
नई
कहा
नी
बु
नने
दे,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे.
न
को
ई
शो
र
हो,
न
को
ई
पर्
दा
रहे,
सि
र्
फ
मो
हब्
बत
का
ये
का
रवां
चले,
कया
बा
त,
ते
री
अदा
ओं
पे
मर
मि
टे,
हम
दो
नों
ही
अब
इस
जहां
में
रहे,
आं
खों
में
का
जल
और
चे
हरे
पे
नू
र,
ते
री
बा
हों
में
मि
लता
है
सा
रा
सु
कू
न,
तू
जो
कहे
तो
ये
दि
ल
दे
दूं
मैं,
ते
री
रू
ह
को
अपनी
रू
ह
से
छू
लूं
मैं,
दम,
ये
पल
अब
ना
कहीं
जा
ए,
प्
या
र
की
खु
मा
री
बस
तु
झपे
ही
आए,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे,
अपने
अं
गों
को
धी
रे
-धी
रे
छू
ने
दे,
तु
झसे
शु
रू,
तु
झपे
खत्
म
मे
री
कहा
नी,
आज
रा
त
प्
या
र
की
को
ई
नई
कहा
नी
बु
नने
दे,
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे.
आज
मु
झे
जी
भर
के
प्
या
र
करने
दे,
बस
पा
स
रह,
मु
झे
और
न
कहीं
जा
ने
दे,
ओह
हो,
तू
ही
मे
री
जा
न
है...
आज
रा
त
बस
प्
या
र
ही
प्
या
र
है.